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शनिवार, 8 सितंबर 2012

सेक्सी ठग कोमल है दो बच्चों की मां....



खुद के बच्चों को डॉक्टर नहीं बना सकी ठग कोमल

अपराध संवाददाता, भोपाल। पूरे देश के लोगों को मेडीकल में एडमीशन दिलाने के लिए दलाली और ठगी करने वाली पूनम खुद के बच्चों को डॉक्टर नहीं बना सकी। कोमल की फितरतों की वजह से वो बच्चों पर ध्यान नहीं दे सकी और वो पढ़ने-लिखने में फिसड्डी हो गए। लिहाजा कोमल ने एक बेटे को एमबीए और दूसरे का बीबीए में एडमीशन करवा दिया। कोमल के दोनों बेटे इंदौर में पढ़ते हैं।

रिमांड के दौरान पूछताछ में भोपाल पुलिस ने कोमल के कई राज पर से पर्दा उठाया। कोमल का जन्म 1970 में सफदरगंज दिल्ली में हुआ। उसके पिता एसके सलवान सेना के रिटायर्ड अफसर हैं। कोमल का छोटा भाई बाबी सलवान फ्रांस में टाटा कंपनी का जोनल सेल्समेन है। उसकी ससुराल भोपाल की गुलमोहर कॉलोनी में है। कोमल की पढ़ाई भोपाल में हुई। उसकी शादी जबलपुर के पंकज पांडे से हुई। कोमल के दो बेटे है। बड़ा अभिनव इंदौर से एमबीए कर रहा है, जबकि छोटा शांतनु बीबीए का छात्र है। कोमल ने 1990 से लेकर वर्ष 2000 तक एनजीओ में काम किया। इसके बाद वह सतना में रहने लगी। इस दौरान वह रेडक्रास में काम करती थी। इसके बाद कोमल 2003 में जबलपुर आ गई, लेकिन वह 2006 से भोपाल समेत कई शहरों के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिलाने के गोरखधंधे में लिप्त हो गई। मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीट का सौदा एक से लेकर डेढ़ करोड़ रुपए में किया जाता है। यह भारी-भरकम रकम कॉलेज प्रबंधन अपने दलालों के माध्यम से छात्रों से वसूलते हैं। इस गोरखधंधे में कॉलेज के कर्मचारियों की भी मिलीभगत होती है। यह सिंडिकेट ऐसे छात्रों की तलाश करता है, जो मोटी रकम देकर पीजी करना चाहते हैं। सारा लेन-देन नकद में होता है। निशातपुरा पुलिस के रिमांड पर चल रही कोमल के साथी जावेद की पुलिस को तलाश है। उसकी खोजबीन में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। कोमल की रिमांड अवधि शनिवार को समाप्त हो रही है। इस बीच कोमल से पिपरिया समेत कुछ स्थानों की पुलिस पूछताछ कर चुकी है। कोमल को पांच सितंबर को गिरफ्तार किया गया था, जिसका आज रिमांड खत्म होने पर अदालत में पेश किया गया।
00सारे कॉलेजों में कोमल की धाक 
एसपी अरविंद सक्सेना ने बताया कि कोमल पांडे से की जा रही पूछताछ में उसने बताया कि वह कोई दो दर्जन छात्र-छात्राओं को मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिला चुकी हैं। एसपी ने कहा कि कोमल का दावा है कि उसका नेटवर्क चिरायु, पीपुल्स व इंदौर के श्री अरविंदो और उज्जैन के आडीर्गार्डी मेडिकल कॉलेज समेत प्रदेश के कई इंजीनियरिंग कॉलेजों में है। अति महत्वाकांक्षी व आत्म विश्वास से लबरेज कोमल पांडे के कई बैंकों में खाते हैं। फिलहाल केनरा, आईडीबीआई, यूको, भोपाल को-आपरेटिव व इंडसुइंड समेत सात बैंकों में उसके खातों की जानकारी मिली है। खुद को भारतीय विप्र समाज की महिला इकाई की प्रदेशाध्यक्ष बताने वाली कोमल पांडे बहुजन समाज पार्टी में भी पदाधिकारी रह चुकी है। उसने बताया कि बसपा में उसका इतना दखल था कि अगर उसके पास पर्याप्त धनराशि होती, तो विधानसभा चुनाव में वह संजीव सक्सेना को बीएसपी से टिकट नहीं लेने देते, बल्कि खुद चुनाव लड़ती। किंतु पैसों की कमी ने उसके अरमानों पर पानी फेर दिया था, इस कारण उसने कमाई का शार्टकट रास्ता अपना लिया। इस कमाई से कोमल ने घर की खूब शान-शौकत ब़ढ़ाई। उसके पास दो नैनों व एक मारुति तथा एक फोर्ड कंपनी की आइकान कार है। कोमल का कहना है कि उसे एक नैनो कार कोलार रोड स्थित स्वर्ण सुख ज्वेलर्स की दुकान से इनाम में मिली है।
00खुद को डॉक्टर बताती थी कोमल
कोमल बेहद शातिर दिमाग की औरत है। उसने पैथालॉजी का डिप्लोमा किया है। इसके बाद नाम के आगे डाक्टर लिखना शुरू कर दिया। उसने कई जगह पर खुद का नाम डॉ. शुभ्रा भी बताया था। कोमल ने मुरैना, सतना, पिपरिया समेत कई शहरों में अपनी पैठ बना ली थी। वह डॉक्टर के रूप में मिलती थी। इस कारण उसकी बातों पर एडमिशन कराने वालों को सहज भरोसा हो जाता था। कोमल ने बताया कि वह मेडिकल पीजी सीट के लिए 1 करोड़ 40 लाख रुपए तक वसूल चुकी है। ऐसी रकम कॉलेज के अलावा एडमिशन रैकेट चलाने वालों के बीच में बंट जाती है।


गुरुवार, 6 सितंबर 2012

सेक्स और धन के मिश्रण से कोमल बनना चाहती थी नेता


हर फितरत में माहिर थी कोमल

कोमल पाण्डे
 भोपाल। मेडीकल कॉलेज में दाखिला हो या किसी की नौकरी लगना हो, कोमल पांडे हर काम को चुटकियों में करवाने में माहिर थी। ग्राहक को जाल में फंसाने मेकअप में लिपटे चेहरे से ऐसी कातिल मुस्कान फेंकती थी कि लोग उसके विश्वास के दीवाने हो जाते थे। लोगों को ठगने के लिए अलग-अलग नाम और पद का इस्तेमाल बड़ी आसानी से करती थी। उम्र के ढलान पर वो एक बड़ा चुनाव लड़ने के लिए रुपयों का इंतजाम कर रही थी। इन रुपयों के इंतजाम के लिए उसे जो मिला उसे ही ठग लिया। पुलिस की पूछताछ में कोमल पांडे के कई राज उजागर होते जा रहे हैं। राजधानी के अलावा सतना, पिपरिया, जबलपुर सहित करीबन आधा दर्जन जिलों की पुलिस को कोमल की तलाश थी।
मेडीकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर कई छात्रों को लाखों की चपत लगाने वाली कोमल पांडे को पिपरिया पुलिस ने बुधवार को अपनी हिरासत में लिया। हालांकि अभी वह निशातपुरा पुलिस की रिमांड पर है। उसे पिपरिया पुलिस भी रिमांड पर लेने की कार्रवाई कर रही है। इसके बाद दूसरे जिलों की पुलिस भी रिमांड पर लेकर कोमल से ठगी के राज उगलवाएगी। कोमल पांडे के खिलाफ मुरैना, सतना में भी धोखाधड़ी के मामले उजागर हुए हैं। महिला इतनी शातिर है कि उसने महापौर का चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस कमेटी को पत्र लिखा था। नेतागिरी की आड़ में वह कई लोगों को झांसा दे चुकी है। निशातपुरा थाना प्रभारी एके वाजपेयी ने बताया कि पिपरिया पुलिस ने बुधवार को कोमल पांडे को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उसे अदालत से रिमांड पर लेने की कार्रवाई भी कर रही है। इसके अलावा महिला के खिलाफ मुरैना व सतना में भी धोखाधड़ी करने के मामले उजागर हुए हैं। कोमल ने वहां के छात्रों को भी एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर लाखों रुपए की चपत लगाई है। लक्जरी गाड़ियों में सफर करने व शान शौकत से रहने वाली कोमल पांडे के सहयोगियों की तलाश में पुलिस की दो टीमें लगाई हैं। इनमें से एक टीम ग्वालियर के लिए रवाना हो गई है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी महिला ने सतना के डीसी पटेल नामक व्यक्ति से उनके बेटे का एडमीशन कराने के लिए साढ़े 5 लाख रुपए लिए थे। लेकिन जब काम नहीं हुआ, तो उन्हें दो चेक थमा दिए गए थे। किंतु दोनों चेक वाउंस हो गए थे। इस मामले में फरियादी ने अदालत की शरण ली। न्यायालय में भी कोमल के खिलाफ एक धोखाधड़ी का मामला चल रहा है। किंतु उसका पता सही नहीं होने के कारण नोटिस सर्व नहीं हो पाया था। अब सतना व मुरैना पुलिस भी कोमल से पूछताछ करने जल्दी भोपाल आने वाली है।