भाजपा के राष्ट्रीय नेता मुरलीमनोहर जोशी भी वक्ताओं में होंगे शामिल
मुख्य संवाददाता, भोपाल। देश में अपनी तरह के पहले बौद्घ विश्वविद्यालय का भूमिपूजन सांची में 21 सितंबर को होगा। इस मौके पर देश और विदेश के बौद्घ धर्म को मानने और जानने वाले चिंतक मौजूद रहेंगे। वहीं, भोपाल में 22 तारीख से विश्व का पहला दो दिवसीय धर्म-धम्म सम्मेलन होगा।इसमें थाईलैण्ड की राजकुमारी महाचक्री शिरिन्धौरा सहित चालीस देशों को 120 से ज्यादा चिंतक शिरकत करेंगे।संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने पत्रकारवार्ता में बताया कि सरकार इस विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देना चाहती थी। इसके लिए केन्द्र सरकार से पत्राचार भी किया गया लेकिन किन्हीं वजहों से यह संभव नहीं हो सका। अब इसे विशेष विश्वविद्यालय के तौर पर बनाया जा रहा है। इसके लिए सांची में भूमिपूजन 21 सितम्बर को होगा। इसके लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति को भी आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही भोपाल में धर्म-धम्म सम्मेलन किया जाएगा। इसके लिए विदेश मंत्रालय सहित श्रीलंका की महाबोधि समिति और सेंटर फॉर द स्टडी आॅफ रिलीजन एण्ड सोसायटी (सीएसएसआर) सहयोग कर रही है। सम्मेलन के साथ एक सप्ताह की कला कार्यशाला तथा बौऋमत पर आधारित चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
सीएसएसआर के संचालक डॉ.विनय सहस्त्रबुद्घे ने बताया कि सांझी विरासत को बल देने के उद्देश्य से सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन के लिए दलाई लामा को भी आमंत्रित किया गया है। उद्घाटन कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थाईलैण्ड की राजकुमारी महाचक्री शिरिन्धौरा होंगी। जबकि, अमेरिका से प्रोफेसर आनंद गुरूगे और डॉ.डेविड फ्रॉले, श्रीलंका से पूज्य बनागला उपतिस्सा नायक थेरो, भारत से डॉ.प्रकाश अम्बेडकर और डॉ.मुरली मनोहर जोशी वक्ताओं के तौर पर भाग लेंगे।

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