शुक्रवार, 31 अगस्त 2012

शेहला मसूद हत्याकांड....गवाहों को पुलिस करेगी कोर्ट में हाजिर



भोपाल। गुरुवार को शेहला मसूद हत्याकांड में ट्रायल के दौरान शेहला के पिता और एक अन्य रिश्तेदार की गवाही थी, लेकिन दोनों हाजिर नहीं हुए। इन लोगों ने कोर्ट में आवेदन भी नहीं लगाया। सीबीआई और जाहिदा के वकील के अनुरोध पर दोनों गवाहों के खिलाफ कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया है। जमानती वारंट पर भी गवाह हाजिर नहीं हुए तो कोर्ट गिरफ्तारी वारंट जारी करेगा और शेहला के पिता को पुलिस कोर्ट में हाजिर करेगी।
शहला मसूद हत्याकांड में सीबीआई विशेष न्यायालय में ट्रायल शुरू नहीं हो सकी। सीबीआई द्वारा प्रस्तुत ट्रायल प्रोग्राम के मुताबिक गुरुवार को मृतका शहला के पिता सुल्तान मसूद व एक अन्य रिश्तेदार गवाही के लिए नहीं पहुंचे। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं। शुक्रवार को दो अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। सीबीआई विशेष कोर्ट में न्यायाधीश अनुपम श्रीवास्तव के समक्ष गुरुवार को शहला हत्याकांड की दो दिनी सुनवाई प्रारंभ हुई। पहले दिन सीबीआई द्वारा प्रस्तुत दो गवाहों के बयान दर्ज किए जाने थे। इनमें शहला के पिता सुल्तान मसूद व दूसरे परिजन सैय्यद साहिल हुसैन के बयान होने थे। पाँचों आरोपियों जाहिदा परवेज, सबा फारुखी, ताबिश, इरफान व शाकिब डेंजर को भी पेश किया गया था। कोर्ट द्वारा दोपहर तक गवाहों का इंतजार किया गया। इसके बाद सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक हेमंत शुक्ला से दोनों के उपस्थित होने की संभावाओं पर पूछा गया। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल के लिए गवाहों को कोर्ट में उपस्थित कराने की जिम्मेदारी सीबीआई की है। यह सुनिश्चित किया जाए कि गवाह समय पर कोर्ट में मौजूद रहें। इसी बीच आरोपियों की ओर से मौजूद अभिभाषक परवेज आलम व सुनील श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपी जेल में बंद हैं। ट्रायल के लिए नियत तिथि पर गवाह उपस्थित नहीं होंगे तो प्रकरण की सुनवाई में देरी होगी। उन्होंने दोनों के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने की मांग की। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किए। सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी। इस दिन एमआर उईके व अन्य गवाहों के बयान होंगे। क्षेत्राधिकार का मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन प्रकरण से जुड़े सभी पक्ष सुनवाई भोपाल में चाहते हैं। इसके लिए कोर्ट में आवेदन भी लगाए गए थे, जिन्हें खारिज किया जा चुका है। हाल ही में दो आरोपियों द्वारा क्षेत्राधिकार को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। जिस पर सुनवाई होना है।

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