शुक्रवार, 24 अगस्त 2012

पीडब्लूडी की निगरानी करेगा जीपीएस सॉफ्टवेयर


मुख्य संवाददाता, भोपाल। प्रदेश में लोक निर्माण विभाग में ई-मेजरमेंट व्यवस्था लागू होगी। इसके लिए रियल टाइम जीपीएस आधारित साफ्टवेयर विकसित किया गया है। पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में भोपाल डिवीजन क्रमांक दो में यह व्यवस्था लागू होगी। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में शुरू की जा रही है। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्षा के दौरान खराब हुई सड़कों को ठीक करने का काम तुरंत शुरू किया जाए। बैठक में मुख्य सचिव श्री आर.परशुराम भी मौजूद थे।
श्री चौहान ने बैठक में सड़क निर्माण संबंधी कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों में जहाँ सड़कों पर जल-जमाव के कारण सड़कें हमेशा क्षतिग्रस्त होती है वहाँ सीमेंट-कांक्रीट की सड़कें बनाए तथा ड्रेनेज की समुचित व्यवस्था करें। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और कार्य पूर्ण होते ही भुगतान का होना सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण के कार्य समयबद्ध योजना बनाकर पूरे करने को कहा। उन्होंने शासकीय सर्किट हाउस तथा रेस्ट हाउस के मैटेनेंस की पर्याप्त व्यवस्थाओं पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सड़के निर्माण के कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता पर ध्यान देते हुए कार्य करें। मुख्य सचिव परशुराम ने कहा कि सिंहस्थ के मद्देनजर देवास, उज्जैन, बड़नगर और उज्जैन-मक्सी मार्ग को फोर लेन करने की योजना बनायी जाए।
बैठक में बताया गया कि लोक निर्माण विभाग चालू माली साल में कुल 2,950 किलोमीटर लम्बाई की सड़कें बनाएगा तथा 4,474 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण करेगा। केंद्रीय सड़क निधि के तहत देश में सबसे ज्यादा कार्य मध्यप्रदेश में हुए हैं। केंद्रीय सड़क निधि के कार्य में स्टेट फंड से भी राशि लगायी गई है। संभाग के सभी जिलों को टू लेन सड़कों से जोड़ने के कार्य 48 जिलों में पूरे हो गए हैं तथा 2 जिलों में निमार्णाधीन है। इसी तरह जिले के सभी विकास खण्ड को जिला मुख्यालय से पक्की सड़कों से जोड़ने का कार्य पूरा हो गया है। विभाग में अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बैठक प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग केके सिंह, प्रमुख सचिव वित्त अजयनाथ, मुख्यमंत्री के सचिव हरिरंजनराव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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