तीखी मिर्च की तरह तीखी खबर.... 2007 में भूत झोलकिया को गिनीज बुक आॅफ रिकॉर्ड्स में दुनिया की सबसे तीखी मिर्च के रूप में शामिल किया गया।
शुक्रवार, 10 अगस्त 2012
मंद हुई मानसून की रफ्तार
भोपाल। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में तेज रफ्तार से जारी वर्षा से आज प्रदेशवासियों को कुछ राहत मिली। भोपाल, खरगोन, बैतूल, रायसेन, देवास और धार में स्थिति सामान्य हो चली है। रायसेन के दौबाखेड़ी गाँव में सेना ने पहुँचकर 107 लोगों को राहत शिविरों तक पहुँचा दिया है। यहाँ भी बाढ़ का पानी उतर चुका है। बाढ़ प्रभावितों को चिकित्सा दलों द्वारा निरंतर उपचार की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। अब तक प्रदेश के 16 जिलों में सामान्य से अधिक, 24 जिलों में सामान्य और 10 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। वर्षा और बाढ़ से 27 जन-हानि, 270 पशु-हानि होने के साथ ही 4,298 मकान को क्षति पहुँची है।
होशंगाबाद में सेठानी घाट का जल-स्तर 947.60 फीट पर पहुँच गया है। सेना की मदद से 300 लोगों को 4 राहत शिविर में सुरक्षित पहुँचाया गया है। सीहोर में 15 राहत शिविर खोले गये हैं, जिनमें 800 लोगों को ठहराया गया है। इसी तरह हरदा में 4 राहत शिविर में 400 लोगों को, विदिशा में 5 राहत शिविर में 500 लोगों को ठहराया गया है। धार जिले में 3 शिविर में 200 लोगों को शिफ्ट किया गया है। प्रदेश में कुल 31 राहत शिविर में 2200 प्रभावितों को ठहराया गया है।
प्रदेश में अति वर्षा और बाढ़ से 27 जन-हानि हुई हैं। जिनमें से उज्जैन और देवास में 3-3, दमोह, बैतूल और छिन्दवाड़ा में 2-2, सीहोर, धार, सिवनी और रतलाम में एक-एक, होशंगाबाद और भोपाल में 5-5 शामिल हैं। पशु-हानि में सीहोर जिले में 239, देवास में 6, धार में 2, नरसिंहपुर में एक और छिन्दवाड़ा के 22 पशु शामिल हैं।
वर्षा से देवास जिले में सर्वाधिक 3,338 मकानों को क्षति हुई है। इसके अलावा उज्जैन में 27, नरसिंहपुर में 500, खरगोन में 396, सिवनी में 35 और बैतूल में 2 मकान को क्षति पहुँची है।
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