खतरनाक अपराधियों की पैरवी करने वाले वकीलों को भी सुरक्षा की दरकार है। मुख्यमंत्री ने वकीलों की पंचायत में वकीलों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने के लॉलीपॉप भी दिया है। लेकिन वकीलों के लिए उत्तरप्रदेश की तरह पेंशन योजना और वकीलों के लिए कॉलोनी काटने के लिए जमीन देने की मांग को विनम्रता से ठुकरा दिया। न्यायाधीसों को अपनी दलीलों से संतुष्ट करने वाले और अपनी बात को मनवाने वाले वकील राजनेता के सामने अपनी बात को नहीं रख सके या राजनीति की बिसात पर खरे नहीं उतर सके, ये कोई नहीं बता सका।
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| वकील पंचायत में वकीलों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री |
प्रमोद त्रिवेदी, भोपाल।
संविधान सम्मत बातों को मनवाने में माहिर और दलीलों से छक्के छुड़ाने वाले वकीलों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भारी पड़े। मुख्यमंत्री ने वहीं घोषणाएं की जो उनके नौकरशाहों ने वकील महापंचायत के लिए तैयार कर रखी थीं। वकीलों ने भी पूरे दिमाग का इस्तेमाल करते हुए सरकार के मुखिया की बात पर हां में हां कर दी। राज्य अधिवक्ता परिषद, भाजपा विधि प्रकोष्ठ, हाईकोर्ट और अन्य संघों की पुरजोर मांग पर मुख्यमंत्री ने वकील सुरक्षा कानून लागू करने पर रजामंदी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मुकदमे लड़ने वाले वकीलों को कोई छुरी-चाकू मारकर चला जाए यह बर्दाश्त नहीं होगा। इसके लिए कानून मंत्री, प्रमुख सचिव विधि और राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष को कानूनी पहलूओं का परीक्षण करने के निर्देश मंच से दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वकालत की तरफ युवाओं को प्रोत्साहित करने सरकार आर्थिक मदद मुहैया कराएगा। इसके लिए स्टेट बार काउंसिल में पंजीयन (सनद) कराने वालों को एकमुश्त 12 हजार रुपए दिए जाएंगे। इससे वह टेबल, कुर्सी सहित अन्य जरूरी सामग्री खरीद सकेगा। इसके साथ ही वकील की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को बार काउंसिल के साथ सरकार भी एक लाख रुपए देगी। इलाज में आने वाले खर्च के बोझ से वकीलों को राहत देने के लिए बार कल्याण कोष को एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे।यह घोषणाएं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने निवास में हुई पहली वकील पंचायत में की। वकीलों से खचाखच भरे मुख्यमंत्री निवास के पांडाल में हुई पंचायत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वकील की मृत्यु हो जाने पर पूरा परिवार तकलीफों का सामना करता है। राज्य अधिवक्ता परिषद ऐसे परिवारों को अपनी ओर से एक लाख रुपए देती है। लेकिन, इतने से कुछ नहीं होता है इसलिए तय किया गया है कि सरकार भी अपनी ओर से एक लाख रुपए पीड़ित परिवार को देगी। इसी तरह बड़ी बीमारियों का महंगा इलाज कराना सबके बस की बात नहीं है।
ये रहीं घोषणाएं
- सनद लेने वालों को एकमुश्त दिए जाएँगे बारह हजार रुपए
- वकीलों के इलाज के लिए कल्याण कोष को मिलेंगे 1 करोड़
- नोटरी के लिए न्यूनतम आयु सीमा होगी कम
- सरकारी वकीलों का बढ़ेगा मानदेय
- अभिभाषक कक्ष का बिजली बिल चुकाएगी सरकार
- वकीलों के लिए पुस्तकालय की बनेगी योजना
इन मांगों के साथ निराश लौटे वकील
- वकीलों की कॉलोनी के लिए भूमि।
- बुजुर्ग वकीलों के लिए पेंशन।
- बार काउंसिल अध्यक्ष को मंत्री का दर्जा।
- ग्वालियर में सीबीआई कोर्ट की स्थापना।
- टोल टैक्स में छूट।
- घरों में प्रेक्टिस करने पर कमर्शियल टैक्स में छूट।
संसोधन के साथ आएगा लॉ कमीशन
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि 10 साल से मरा हुआ पड़ा लॉ कमीशन को फिर से जिंदा किया जाएगा। इसके अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द होगी। ये बरसों पुराने कानूनों का अध्ययन करके रिपोर्ट देगा। इसके आधार पर व्यवहारिक संशोधन होंगे।

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