किसी भी किसान को सुख-सुविधा, काम-धंधे, बच्चों की पढ़ाई, रोजगार के लिए शहर की ओर नहीं आना पढ़ेगा। मध्यप्रदेश का हर गांव ऐसा होगा कि जापान-अमेरिका के दल आकर हमारे गांवों की समृद्धि का अध्ययन करेंगे। मेरा किसान इतना समृद्ध और सक्षम होगा कि पूरे देश ही नहीं दुनिया में मध्यप्रदेश के किसान का उदाहरण पेश किया जाएगा। इस सपने को साकार करने प्रतिबद्ध हैं प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान। वो हर गांव को रोजगार, उद्योग-धंधों और इंटरनेट से ऐसा समृद्ध कर देंगे कि गांव और शहरों की खाई पट जाएगी। प्रदेश सरकार ने इस दिशा में आधी से ज्यादा दूरी तय कर ली है और जल्दी ही गांवों में खुशहाली की बयारें बहेंगी।
प्रमोद त्रिवेदी, भोपाल
मध्यप्रदेश में ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिये कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की शुरूआत की गई है, जिससे ग्रामीणों के आर्थिक उत्थान के साथ-साथ गांवों की नई तस्वीर बन रही है। पंच-परमेश्वर योजना के अंतर्गत सभी 23 हजार 12 ग्राम-पंचायतों में पक्के आंतरिक मार्गों और नालियों का निर्माण हो रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम-सड़क और मुख्यमंत्री ग्राम-सड़क योजना के तहत बारहमासी पक्की सड़कों के जरिये सुदूर अंचलों तक सम्पर्क सुविधाएं सुलभ कराई जा रही हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के जरिये मेढ़-बंधान और ग्रामीणों के खेतों के सुधार तथा निकास के गंदे पानी का फलोद्यान विकास के लिये उपयोग कर ग्राम-वासियों के आर्थिक विकास को मजबूत बनाया जा रहा है। इसके अलावा आजीविका के विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये ग्रामीण महिलाओं के स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास हो रहे हैं। इन समूहों के द्वारा निर्मित सामग्री के विक्रय के लिये उत्पादक कम्पनियों और फेडरेशनों का गठन कर सामग्री का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने के संगठित प्रयास हो रहे हैं।-------------
ऐसे बन रहा है सपनों का प्रदेश
- -महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम के तहत प्रदेश में भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के साथ ही हरियालीमय प्रदेश बनाने के कार्य व्यापक पैमाने पर कराए जा रहे हैं। इससे प्रदेश की 17.14 लाख हेक्टेयर भूमि में सुधार हुआ है और 65 लाख फलदार पौधे नंदन फलोद्यान उप योजना के तहत रोपे गये हैं। कपिलधारा और जलाभिषेक अभियान में भी मध्यप्रदेश की धरती को हराभरा बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- -पंचायत, ग्रामीण विकास मंत्री श्री भार्गव ने बताया कि पृथ्वी की प्राकृतिक समृद्धि को संरक्षित करने के लिये शासन पूर्णत: सजग है। इसके लिये ग्रामीण विकास की योजनाओं को अवसर के रूप में लेते हुए ऐसे कार्य कराए जा रहे हैं ताकि हमारी प्राकृतिक संपदा संरक्षित हो साथ ही सरल भी हो।
- - महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम-म.प्र. के अंतर्गत आने वाली गतिविधियां भूमि सुधार-संरक्षण को समर्पित हैं। इससे प्रदेश की पड़त भूमि भी लगातार संवर रही है। भूमि की उत्पादकता बढ़ रही है। इन कार्यों से निश्चित ही भविष्य में सुखद परिणाम आएंगे। भूमि और जल संरक्षण के कार्यों से खेती समृद्ध होगी और खाद्य की सुरक्षा भी बढ़ेगी।
- - प्रदेश में नंदन फलोद्यान उपयोजना के अंतर्गत 23578 हेक्टेयर क्षेत्र में 65 लाख से ज्यादा फलदार पौधों का रोपण किया गया है। जल संरक्षण के कार्यों के अंतर्गत तालाबों और स्टॉपडेम का निर्माण किया गया है ताकि भूजल के स्तर में सुधार आये। निजी और शासकीय भूमि पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया गया है।
- -कपिलधारा योजना के अंतर्गत सिंचाई के माध्यम से धरती की नमी बचाने का कार्य जारी है। इससे एक लाख 43 हजार से ज्यादा परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ हुआ है साथ ही उनकी भूमि की हरियाली भी सुनिश्चित हुई है।
- -जलाभिषेक अभियान के अंतर्गत जलसंरचनाओं के निर्माण, जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करने की गतिविधियां संचालित है। धरती का सौंदर्य बढाने वाली नदियों को दोबारा जीवित करने का अभियान शुरू किया गया है। हाल ही में पन्ना जिले की मिढ़ासन नदी और रतलाम जिले की जामढ़ नदी को जीवन देने की शुरूआत हुई है।
- -महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम-म.प्र. की उपयोजनाओं से भूमि का श्रृंगार हो रहा है। कपिलधारा से सिंचाई, नंदन फलोद्यान उपयोजना से फलदार पौधों का रोपण, भूमि-शिल्प उपयोजना से पड़त भूमि को खेती योग्य बनाने का कार्य, शैल पर्ण उपयोजना में पहाड़ियों और टीलों का उपचार, सहस्त्र धारा उपयोजना में खेतों को पानी देने के कार्य जारी है। इसके अलावा नदी-नालों पर श्रृंखलाबद्ध जल सरंचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।
रोजगार गारंटी में प्रदेश शीर्ष पर
मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव कहते हैं कि मध्य प्रदेश में ग्रामीण विकास की प्रगति देश के अधिकांश राज्यों से बेहतर होने के कारण ही केन्द्र सरकार केन्द्रीय राशि में इजाफा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना तथा राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कार्यक्रम में मध्य प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में शीर्ष स्थान पर रहा है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार स्वर्ण जयंती ग्राम रोजगार योजना में वर्ष 2003-04 में कुल उपलब्ध राशि का 98 प्रतिशत उपयोग किया गया था। जबकि वर्ष 2007-08 में उपयोगिता प्रतिशत 99.15 प्रतिशत रहा है। इस योजना के अन्तर्गत वर्ष 2003-04 में 145 करोड रुपए के क्रेडिट मोबेलाइजेशन के विरूद्ध वर्ष 2007-08 में 263 करोड रुपए के लक्ष्य की पूर्ति की गई है । इसी योजना में वर्ष 2003-04 में 2 लाख 23 हजार स्व-सहायता समूह के विरूद्ध 2007-08 में 3 लाख 11 हजार समूह लाभान्वित हुए है । इंदिरा सागर योजना के अन्तर्गत वर्ष 2007-08 में केन्द्राशं से रुपए 108.90 का पूर्ण व्यय हुआ है तथा 60222 पात्र आवासहीनों को इस योजना से लाभान्वित किया गया है।
हर गांव से हर पल साझा होगी जानकारी
ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत सूचना के प्रभावकारी प्रभाव को सुनिश्चित करने की दृष्टि से एवं विभागीय कार्य को सुव्यवस्थित प्रकार से चलाने के लिये विभाग के अंतर्गत कम्प्युटरीकरण का कार्य किया गया है -
- जिला पंचायतों का कम्प्यूटरीकरण - भारत सरकार द्वारा केंद्र प्रवर्त्तित योजना के अंतर्गत जिला पंचायतों ने लेन आधारित कम्प्यूटरीकरण हेतू प्रदाय की गई थी। 38 जिला पंचायतों में एक पेंटियम सर्वर तथा चार पेंटियम क्लाईंट कम्प्यूटर प्रदाय किये जाकर लेन सहित स्थापित किये जा चुके हैं । यह कार्य भारत सरकार के राष्टीय सूचना विज्ञान केंद्र से संबध्द निक्सी द्वारा संपादित करवाया गया है ।
- -नवनर्मित सात जिलों के लिये लेन आधारित कम्प्यूटरीकरण करने के लिये प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है । जिसपर स्वीकृति प्राप्त हो चुकि है एवं संबंधित जिला पंचायत द्वारा कम्प्यूटरीकरण की कार्यवाही की जा रही है ।
- जनपर पंचायतों का कम्प्यूटरीकरण- जिला पंचायतों के कम्प्यूटरीकरण कार्य के साथ साथ विभाग ने प्रस्तावित किया था कि अविभाजित मध्यप्रदेश के सभी ४५९ जनपद पंचायत के कम्प्यूटरीकरण कार्य हेतु भारत सरकार केन्द्र प्रवर्तित योजना के तहत स्वीकृति दे । विभाजित मध्यप्रदेश के सभी 313 जनपद पंचायतों में कम्प्यूटर लगाने के लिये भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदाय की गई है । कम्प्यूटर क्रय एवं स्थापना की कार्यवाही संबंधित जिला पंचायतों द्वारा की जा रही है ।
- ग्रामीण विकास सूचना नेटवर्क का विकास - भारत सरकार को यह प्रस्तावित किया गया था कि सभी जिलों एवं विकास आयुक्त मुख्यालय में कम्प्यूटरीकरण के साथ साथ प्रत्येक जिला पंचायत को सीधे दूरसंचार नेटवर्क से जोडृने के लिये व्ही सेट उपकरण की स्वीकृति दी जाये । भारत सरकार द्वारा प्रथम चरण मे विकास आयुक्त मुख्यालय, नरसिंहपुर, रायसेन तथा होशंगाबाद जिले हेतु व्ही सेट लगाये जाने की स्वीकृति दी गई थी । व्ही सेट लगाये जाने का कार्य राष्टÑीय सूचना विज्ञान केद्र नई दिल्ली द्वारा संपादित किया गया है ।
- ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अंतर्गत कम्प्यूटरीकरण - ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अंतर्गत शासन द्वारा 51 स्थानों पर कम्प्यूटर प्रदाय करने हेतु स्वीकृति दी है । इन स्थानों पर कम्प्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण किया गया है ।
- एप्लीकेशन साफटवेयर का विकास - केन्द्र प्रवर्तित ग्रामीण विकास योजनाओं के मानिटरिंग तथा जानकारी के आदान प्रदान के लिये भारत सरकार द्वारा एप्लीकेशन साफटवेयर का विकास राष्टीय सूचना विज्ञान केंद्र दिल्ली द्वारा किया गया है । यह साफटवेयर तीन जिला पंचायतों को परीक्षण के तौर पर डाटा प्रविष्टिकरण हेतु उपलब्ध हुआ है । इस साफटवेयर पर जिला पंचायतों के कर्मचारियों का प्रशिक्षण किया जाकर डाटा प्रविष्टीकरण का कार्य किया जा रहा है।
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