- 48 लाख को प्रशिक्षण से मिलेगा रोजगार
- रोेजगार मिले ऐसी आईटीआई की होगी स्थापना
- बेटियों को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार रोजगार देने वाली शिक्षा के लिए भी अलग आईटीआई की व्यवस्था
प्रदेश के हर विद्यार्थी को ऐसी शिक्षा दी जाएगी, जिससे पढ़ाई के बाद उसे रोजगार के लिए परेशान न होना पड़ा। यानि हर छात्र को रोजगार मूलक प्रशिक्षण देकर कुशल श्रमिक की श्रेणी में तैयार किया जाएगा। इसके लिए सरकार के आला अधिकारी नई आईटीआई की स्थापना के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही बेटियों के लिए वर्तमान आवश्यकताओं वाले रोजगार में प्रशिक्षित करने वाली अलग से आईटीआई खोली जा रहीं हैं।
प्रमोद त्रिवेदी, भोपाल। प्रदेश में लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत 12वीं योजना में 48 लाख लोगों को रोजगार मूलक प्रशिक्षण दिया जाएगा। अगले साल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 15 लाख लोगों को तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षण देने का लक्ष्य तय किया गया है। कौशल विकास के माध्यम से रोजगार निर्माण कार्य को गति देने के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना बनाई जा रही है। सितम्बर माह के दूसरे हफ्ते में भोपाल में एनएसडीसी और भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा संयुक्त रूप से स्किल समिट का आयोजन किया जा रहा है।
लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में उद्योगों की जरूरत के मुताबिक विषय पढ़ाने एवं पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रत्एक ब्लॉक में एक आईटीआई स्थापित करने की योजना बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि बेटियों के लिए वर्तमान परिदृश्य के अनुकूल ट्रेड पढ़ाने की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि आईटीआई में प्रशिक्षित युवाओं को कहां और किस प्रकार का रोजगार मिला इसका विस्तृत अध्ययन होना चाहिए।श्री चौहान ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के भवनों के निर्माण को तेजी से पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य में विलम्ब होने पर संबंधित एजेन्सी के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने के उपायों की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने सभी पॉलीटेक्निक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में स्मार्ट क्लास रूम अवधारणा लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा चयनित उम्मीदवारों की पदस्थापना में पुलिस सत्यापन में होने वाले विलम्ब को देखते हुए इसे लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाने का विचार करने को कहा। परंपरागत कौशल को बढ़ावा देने और नई जरूरतों के हिसाब से इसे निखारने तथा गांवों में कौशल संपन्न मानव संसाधन उपलब्ध करने की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि कौशल विकास केन्द्रों में प्रथम बैच में 4902 प्रशिक्षार्थी है। साल में कुल तीन बैच होंगे। श्योपुर, बुरहानपुर, बड़वानी और राजगढ़ आईटीआई को आदर्श आईटीआई बनाया गया है।
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